3. अंतर्राष्ट्रीय संबंध (International Relations)GS26 October 2026
TEPA का एक वर्ष पूरा होने पर भारत और स्विट्ज़रलैंड ने गतिशीलता तथा युवा पेशेवरों से जुड़े समझौते किए
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ख़बर
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार, 5 अक्टूबर को स्विस राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन से मुलाकात की। पार्मेलिन तीन दिन की यात्रा पर हैं, जो भारत और चार देशों के यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (European Free Trade Association — EFTA) के बीच व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते (Trade and Economic Partnership Agreement — TEPA) का एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर हो रही है; यह समझौता 1 अक्टूबर 2025 से लागू है। विदेश मंत्रालय के अनुसार पाँच समझौता-ज्ञापनों (MoU) और आशय-पत्रों पर हस्ताक्षर हुए। प्रवासन एवं गतिशीलता साझेदारी MoU में पाँच वर्ष तक के बहु-प्रवेश वीज़ा, प्रति यात्रा छह माह तक ठहरने की अनुमति और एक वर्ष के नवीकरणीय छात्र परमिट का प्रावधान है। युवा पेशेवर समझौते के तहत प्रत्येक देश से प्रति वर्ष 300 लोग अस्थायी रोज़गार कर सकेंगे, और यह संख्या बढ़कर 500 “हो सकती” है। पार्मेलिन चाहते हैं कि निवेश संरक्षण समझौता “शीघ्र” हो और बौद्धिक संपदा पर नतीजे मिलें।
कड़ी — एक पंक्ति में: भारत पुरानी निवेश संधियाँ समाप्त कर 2015 का मॉडल अपनाता है → 16 वर्ष की वार्ता के बाद मार्च 2024 में हस्ताक्षरित TEPA शुल्क-कटौती के बदले निवेश-लक्ष्य का सौदा करता है → अक्टूबर 2025 में यह लागू होता है → गतिशीलता समझौते लोगों की आवाजाही की परत जोड़ते हैं → स्विट्ज़रलैंड निवेश संरक्षण और पेटेंट माँगता है
स्थैतिक पाठ्यक्रम से जुड़ाव
- EFTA यूरोपीय संघ से बाहर चार देशों का मुक्त व्यापार समूह है. यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) की स्थापना 1960 में स्टॉकहोम अभिसमय से हुई; इसके सदस्य आइसलैंड, लिकटेंस्टाइन, नॉर्वे और स्विट्ज़रलैंड हैं। नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टाइन यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र (European Economic Area) के माध्यम से यूरोपीय संघ के एकल बाज़ार से जुड़ते हैं; स्विट्ज़रलैंड नहीं जुड़ता।
- TEPA भारत का पहला व्यापार समझौता है जिसमें निवेश-लक्ष्य लिखित रूप में शामिल है. TEPA पर 10 मार्च 2024 को हस्ताक्षर हुए और यह 1 अक्टूबर 2025 से लागू हुआ; यह किसी यूरोपीय समूह के साथ भारत का पहला मुक्त व्यापार समझौता (FTA) है। EFTA के देशों ने 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष रोज़गार का लक्ष्य रखने की प्रतिबद्धता जताई है। लक्ष्य न पूरा होने पर भारत परामर्श के बाद अपनी शुल्क-रियायतों को अस्थायी रूप से पुनर्संतुलित कर सकता है।
UPSC इसे क्यों पूछता है
- GS2 और GS3 दोनों में ऐसे समझौतों को महत्त्व मिलता है जो व्यापार को निवेश और गतिशीलता से जोड़ते हैं. GS2 में “भारत और/या भारत के हितों को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह तथा समझौते” आते हैं, और GS3 में “निवेश मॉडल”। TEPA दोनों में बैठता है, और इसका ढाँचा आगे दोहराया जा सकता है।
प्रीलिम्स तथ्य
- यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के चार सदस्य हैं — आइसलैंड, लिकटेंस्टाइन, नॉर्वे और स्विट्ज़रलैंड — जिनमें से कोई भी यूरोपीय संघ का सदस्य नहीं है।
- सेवाओं की आपूर्ति के लिए लोगों की अस्थायी आवाजाही WTO के सेवाओं में व्यापार पर सामान्य समझौते (GATS) के अंतर्गत मोड 4 कहलाती है।
- पेटेंट अधिनियम, 1970 (Patents Act, 1970) की धारा 3(d) ज्ञात पदार्थों के नए रूपों पर पेटेंट देने से रोकती है, जब तक कि वे बढ़ी हुई प्रभावकारिता न दिखाएँ।
विश्लेषण
- भारत के लिए गतिशीलता समझौते शुल्क-कटौती से अधिक मूल्यवान सिद्ध हो सकते हैं. भारत की अधिकांश औद्योगिक वस्तुओं पर स्विस शुल्क पहले से ही कम थे, इसलिए निर्यातकों के लिए TEPA से बाज़ार-पहुँच का लाभ शुरू से ही सीमित था। भारत की असली ताक़त उसका युवा, कुशल श्रमबल है, जबकि स्विट्ज़रलैंड का श्रम-बाज़ार बूढ़ा हो रहा है। फिर भी पैमाना छोटा है: द इंडियन एक्सप्रेस के एक संपादकीय लेख के अनुसार जर्मनी के 2022 के गतिशीलता समझौते में प्रति वर्ष 3,000 तक नौकरी-तलाशी वीज़ा मिलते हैं।
- लेंस — बाज़ार और राज्य: 100 अरब डॉलर उन कंपनियों के लिए सरकारों का वादा है जिन्हें वे आदेश नहीं दे सकतीं. पार्मेलिन ने द इकोनॉमिक टाइम्स से कहा कि स्विस निवेश “निजी क्षेत्र द्वारा संचालित है” और उनकी सरकार केवल ढाँचागत परिस्थितियाँ तय करती है। EFTA की सरकारें किसी दवा-निर्माता को भारत में संयंत्र लगाने का आदेश नहीं दे सकतीं। समझदार अधिकारी इस लक्ष्य को गारंटी नहीं, बल्कि समीक्षा का मानदंड मानेगा, और उन बातों को ठीक करेगा जिन पर निवेशक प्रतिक्रिया देते हैं: अनुबंधों का प्रवर्तन, स्वीकृतियों की समय-सीमा और कर-निश्चितता।
- निवेश संरक्षण और पेटेंट इस सौदे का अधूरा हिस्सा हैं. निवेश संरक्षण समझौता स्विस कंपनियों को भारत को अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता में ले जाने का अधिकार देगा, इसीलिए भारत उसे अपनी नई मॉडल संधि के दायरे में चाहता है; वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि यह प्रारूप मंत्रिमंडल की मंज़ूरी के क़रीब है। स्विस दवा-निर्माताओं के लिए अधिक कड़े पेटेंट नियम भारत की जेनेरिक दवाओं पर दबाव डाल सकते हैं। भारत तेज़ पेटेंट प्रसंस्करण और बेहतर प्रवर्तन की पेशकश कर सकता है, पर उसे धारा 3(d) या अनिवार्य लाइसेंसिंग का सौदा नहीं करना चाहिए।
संभावित मुख्य परीक्षा प्रश्न
भारत–EFTA TEPA में बाज़ार-पहुँच के बदले निवेश की प्रतिबद्धता ली गई। परीक्षण कीजिए कि क्या यह मॉडल, जो अब श्रम-गतिशीलता तक बढ़ाया गया है, भारत के विकास-हितों की पूर्ति करता है। (15 अंक, 250 शब्द)
उत्तर की रूपरेखा
- निर्देश — परीक्षण कीजिए. मॉडल के हर भाग (शुल्क, निवेश, गतिशीलता, बौद्धिक संपदा) को परखें और निष्कर्ष पर पहुँचें।
- भूमिका — TEPA निवेश और रोज़गार से जुड़ा पहला FTA है. 15 वर्षों में 100 अरब डॉलर और 10 लाख रोज़गार; पहली वर्षगाँठ पर गतिशीलता समझौते।
- मुख्य भाग — शुल्क-कटौती निश्चित है, निवेश केवल लक्ष्य है, और गतिशीलता असली लाभ है. मूल्यवर्धन: पुनर्संतुलन का खंड; 300–500 अवसरों की तुलना जर्मनी के 2022 के प्रवासन एवं गतिशीलता साझेदारी समझौते से करें।
- मुख्य भाग — निवेश संरक्षण और बौद्धिक संपदा की माँगें नीतिगत स्वायत्तता की परीक्षा लेती हैं. धारा 3(d) और नई मॉडल BIT। प्रवाह-चित्र बनाएँ: शुल्क-कटौती → निवेश → रोज़गार, जिसमें गतिशीलता और बौद्धिक संपदा पार्श्व शाखाओं के रूप में हों।
- निष्कर्ष — निवेश को मापें और भारत के अपने प्रारूप पर BIT करें. वार्षिक सार्वजनिक ट्रैकर और गतिशीलता के बड़े कोटे।
प्रशासक की दृष्टि
वाणिज्य सचिव के रूप में आप यह कैसे सुनिश्चित करेंगे कि TEPA का निवेश-लक्ष्य केवल घोषित न हो, बल्कि उसकी निगरानी भी हो?
मैं सबसे पहले EFTA के साथ यह तय करूँगा कि गणना में क्या आएगा: EFTA-स्थित कंपनियों की नई इक्विटी, जिसे पुनर्निवेशित आय और तीसरे देशों के रास्ते आए धन से अलग रखा जाए। क्षेत्र और राज्य के अनुसार वार्षिक संयुक्त स्कोरकार्ड से प्रगति की जाँच संभव होगी। सबसे अधिक प्रयास इच्छुक कंपनियों की बाधाएँ दूर करने में लगेगा; पुनर्संतुलन अंतिम उपाय रहेगा।