UPSC Darpan

2. अर्थव्यवस्था (Economy)GS312 October 2026

वाणिज्य विभाग ने चीन में भारतीय सेवा निर्यातकों की बाधाओं का ख़ाका बनाया: डेटा, लाइसेंस, वीज़ा

ऐप में खोलें — क्विज़, नोट्स Read in English

ख़बर

नई दिल्ली। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, वाणिज्य विभाग ने उद्योग से उन बाधाओं का ब्योरा माँगा है जिनका सामना भारतीय सेवा कंपनियाँ चीन में करती हैं: डेटा स्थानीयकरण (डेटा को चीन के भीतर ही रखने की बाध्यता वाले नियम), साइबर सुरक्षा और सीमा-पार डेटा हस्तांतरण के नियम, लाइसेंसिंग, पंजीकरण, वीज़ा, कार्य-अनुमति और पेशेवर योग्यताओं की मान्यता। विभाग ने वाणिज्यिक उपस्थिति, यानी कंपनी की स्थापना, स्वामित्व और स्थानीय साझेदारों के बारे में भी जानकारी माँगी है। 2024 में चीन को भारत का सेवा निर्यात 8.95 अरब डॉलर था; एक उद्योग प्रतिनिधि के अनुसार चीन का कुल सेवा आयात लगभग 300 अरब डॉलर है। एक व्यापार विशेषज्ञ ने पूछा कि भारत का डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम चीन के व्यक्तिगत सूचना संरक्षण क़ानून (Personal Information Protection Law) से कितना मेल खाता है। विश्व के वाणिज्यिक सेवा निर्यात में भारत की हिस्सेदारी 2014 के 3% से बढ़कर 2024 में 4.3% हो गई।

प्रीलिम्स तथ्य

  • विश्व व्यापार संगठन के सेवा व्यापार पर सामान्य समझौते (General Agreement on Trade in Services, GATS, 1995) के तहत सेवा व्यापार के चार तरीक़े हैं: सीमा-पार आपूर्ति, विदेश में उपभोग, वाणिज्यिक उपस्थिति और प्राकृतिक व्यक्तियों की आवाजाही।
  • पेशेवरों के वीज़ा और कार्य-अनुमति GATS के तरीक़े 4 (Mode 4) में आते हैं; विदेश में शाखा खोलना तरीक़ा 3 (Mode 3) है।
  • भारत का डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 (Digital Personal Data Protection Act, 2023) व्यक्तिगत डेटा को विदेश भेजने की अनुमति देता है, सिवाय उन देशों के जिन्हें केंद्र अधिसूचना द्वारा प्रतिबंधित करे।