4. अंतर्राष्ट्रीय संबंध (International Relations)GS212 October 2026
पाकिस्तान ने ख़ैबर पख़्तूनख़्वा में आपातकाल लगाकर PTI के नेतृत्व वाली सरकार को निलंबित किया
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ख़बर
इस्लामाबाद। रविवार, 11 अक्टूबर को राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने संघीय मंत्रिमंडल की सिफ़ारिश पर पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 232(1) और 234 के तहत ख़ैबर पख़्तूनख़्वा में आपातकाल की घोषणा की। द हिंदू और द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इसके कारणों में “बिगड़ती क़ानून-व्यवस्था”, आतंकी हमलों में वृद्धि और संवैधानिक तंत्र की विफलता बताए गए। संघीय सरकार राज्यपाल को प्रांतीय सरकार के कार्य अपने हाथ में लेने का निर्देश दे सकती है, और विधानसभा की शक्तियाँ संसद के पास चली जाती हैं। मुख्यमंत्री सोहेल अफ़रीदी और उनके मंत्रियों को पद छोड़ना होगा। यह जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (PTI) द्वारा शासित एकमात्र प्रांत था। अफ़रीदी इमरान ख़ान की रिहाई के लिए 4 अक्टूबर को लक्की मरवत से शुरू हुए मार्च का नेतृत्व कर रहे थे। PTI सांसद जुनैद अकबर ने कहा कि अफ़रीदी को गिरफ़्तार कर लिया गया है (AFP, द इकोनॉमिक टाइम्स में)।
प्रीलिम्स तथ्य
- भारत में अनुच्छेद 356 की उद्घोषणा को दो महीने के भीतर संसद के दोनों सदनों की स्वीकृति चाहिए; S.R. Bommai v. Union of India (1994) ने इसे न्यायिक पुनर्विलोकन और बहुमत-परीक्षण (floor test) के अधीन बनाया।
- 44वें संशोधन (1978) ने अनुच्छेद 352 के अंतर्गत राष्ट्रीय आपातकाल के आधार के रूप में “आंतरिक अशांति” के स्थान पर “सशस्त्र विद्रोह” रखा।