7. समाज (Society)GS112 October 2026
जम्मू-कश्मीर के EWS प्रमाणपत्र: 91% जम्मू संभाग को गए; विधायक ने राशन-कार्ड मानदंड की माँग की
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ख़बर
श्रीनगर। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो वर्षों में जम्मू-कश्मीर में जारी 26,514 आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग (EWS) प्रमाणपत्रों में से 24,058 (91%) जम्मू संभाग को गए और 2,486 कश्मीर को। हंदवाड़ा के विधायक सज्जाद ग़नी लोन ने इस असंतुलन पर प्रस्ताव रखा; अध्यक्ष अब्दुल रहीम राठेर ने सरकार से इसकी जाँच करने को कहा। केंद्र की तरह जम्मू-कश्मीर के 2019 के नियमों में भी आय ₹8 लाख से कम और कृषि भूमि 5 एकड़ से कम होना ज़रूरी है, और 1,000 वर्ग फ़ुट का मकान रखने वाला व्यक्ति बाहर रखा गया है। आलोचकों का कहना है कि ये नियम स्थानीय हक़ीक़त को अनदेखा करते हैं: भूमि कनाल और मरला में दर्ज होती है, और कश्मीर के बहुमंज़िला मकान मंज़िल-दर-मंज़िल नापे जाते हैं। फिर भी अंत्योदय अन्न योजना (सबसे ग़रीब परिवारों की योजना) के लगभग 2,20,000 राशन कार्डों में से करीब 1,44,000 कश्मीर में और लगभग 75,000 जम्मू में हैं। लोन चाहते हैं कि EWS पात्रता AAY के मानदंडों से तय हो।
प्रीलिम्स तथ्य
- 103वें संविधान संशोधन, 2019 ने अनुच्छेद 15(6) और 16(6) जोड़े, जो SC, ST या OBC कोटे से बाहर के EWS के लिए अधिकतम 10% आरक्षण की अनुमति देते हैं।
- Janhit Abhiyan v Union of India (2022) में पाँच न्यायाधीशों की पीठ ने 3:2 के बहुमत से 103वें संशोधन को वैध ठहराया।
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत अंत्योदय अन्न योजना के परिवारों को प्रति माह 35 किग्रा खाद्यान्न मिलता है।