UPSC Darpan

1. राजव्यवस्था एवं शासन (Polity & Governance)GS215 October 2026

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने OBC रिपोर्ट लंबित रहने पर भी उत्तर प्रदेश में तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने का आदेश दिया

ऐप में खोलें — क्विज़, नोट्स Read in English

ख़बर

प्रयागराज। 14 अक्टूबर को न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की पीठ ने उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि वह तीन महीने के भीतर पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव कराए और इसी अवधि में आरक्षण की प्रक्रिया पूरी करे, तथा अगली सूचीबद्धता से पहले कार्यक्रम अभिलेख पर रखे। याचिकाकर्ता दशरथ यादव ने ज़िला पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने से पहले समयबद्ध कार्यक्रम माँगा था। राज्य का तर्क था कि ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत के चुनाव तब तक नहीं हो सकते जब तक उसका OBC आयोग आरक्षण पर अपनी रिपोर्ट नहीं दे देता; वह रिपोर्ट अब भी लंबित है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पहले अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच त्रि-स्तरीय चुनाव कराने की योजना बनाई थी (LiveLaw, 30 अप्रैल)। विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने हैं।

प्रीलिम्स तथ्य

  • अनुच्छेद 243E पंचायत का कार्यकाल पाँच वर्ष तय करता है और अपेक्षा करता है कि चुनाव उस कार्यकाल के समाप्त होने से पहले पूरा हो जाए।
  • अनुच्छेद 243K पंचायत चुनावों का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण राज्य निर्वाचन आयोग में निहित करता है; अनुच्छेद 243D(6) पिछड़े वर्गों के आरक्षण के लिए एक समर्थकारी प्रावधान है।
  • त्रि-स्तरीय परीक्षण (विकास किशनराव गवली, 2021, जो के. कृष्ण मूर्ति, 2010 पर आधारित है): समर्पित आयोग द्वारा अनुभवजन्य जाँच, उसके निष्कर्षों के आधार पर स्थानीय निकाय-वार कोटा, और SC, ST तथा OBC का कुल आरक्षण 50% से अधिक न हो।