6. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (Science & Technology)GS315 October 2026
DRDO: 2047 तक चिप में आत्मनिर्भरता न आई तो भविष्य के संघर्षों में भारत के विफल होने का जोखिम
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ख़बर
बेंगलुरु/नई दिल्ली, 14 अक्टूबर। उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सम्मेलन (ESTIC) के “सेमीकंडक्टर और अगली पीढ़ी की चिप” सत्र के मंगलवार को हुए पूर्वावलोकन में DRDO के महानिदेशक बी के दास और प्रयोगशाला प्रमुखों ने चेताया कि यदि भारत 2047 तक अपने सेमीकंडक्टर स्वयं डिज़ाइन, निर्मित और तैनात नहीं कर पाया, तो AI, साइबर और अंतरिक्ष शक्ति से संचालित “भविष्य के संघर्षों में विफल” होने का जोखिम है। उनके आँकड़े: भारत वैश्विक AI के लिए प्रयुक्त डेटा का 20 प्रतिशत पैदा करता है पर AI डेटा सेंटरों का केवल 3 प्रतिशत उसके यहाँ है; दुनिया के चिप-डिज़ाइन कार्यबल का 20 प्रतिशत उसके पास है, फिर भी उसका 90 प्रतिशत चिप उद्योग आयात पर निर्भर है। सॉलिड स्टेट फ़िज़िक्स लेबोरेटरी के निदेशक डॉ. अनेश शर्मा ने कहा कि भारत के पास “फैब्रिकेशन, सामग्री या उत्पादों में कोई विशेषज्ञता नहीं” है; लक्ष्य है 2-नैनोमीटर चिप, वैश्विक शीर्ष दस में कम से कम दो फाउंड्री, और “सामग्री से ही” स्वतंत्रता। प्रारंभिक बौद्धिक संपदा वाले क्षेत्र: क्वांटम कंप्यूटिंग, फ़ोटोनिक परिपथ और न्यूरोमॉर्फ़िक कंप्यूटिंग।
प्रीलिम्स तथ्य
- भारत सेमीकंडक्टर मिशन (मंत्रिमंडल, दिसंबर 2021; ₹76,000 करोड़; MeitY) फैब, डिस्प्ले फैब, यौगिक-अर्धचालक और ATMP (असेंबली, टेस्ट, मार्क, पैक) इकाइयों तथा चिप डिज़ाइन को सहायता देता है।
- SCL मोहाली सरकारी स्वामित्व की इकाई है और भारत की एकमात्र समेकित युक्ति निर्माता (Integrated Device Manufacturer) है, यानी चिप का डिज़ाइन और निर्माण दोनों करती है।
- ESTIC-2026: भारत मंडपम, नई दिल्ली, 27–29 अक्टूबर, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के अधीन बारह मंत्रालय; सेमीकंडक्टर सत्र का नेतृत्व DRDO करेगा (PIB, 13 अक्टूबर)।