6. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (Science & Technology)GS312 October 2026
ग्राम सभा की सहमति के सवाल पर रीवा के ग्रामीणों ने निजी 2x220 मेगावाट परमाणु संयंत्र की ड्रिलिंग रोकी
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ख़बर
रीवा (मध्य प्रदेश)। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, 9 अक्टूबर को रोझौही के पास ग्रामीणों ने प्रस्तावित 2x220 मेगावाट परमाणु बिजली परियोजना के लिए स्थल-जाँच हेतु भेजे गए ड्रिलिंग उपकरण रोक दिए। टाटा पावर के 13 जुलाई के पत्र में परियोजना-पूर्व गतिविधियों का ब्योरा है; कलेक्टर कार्यालय का 21 अगस्त का पत्र आठ बोरहोल की बात करता है, जिनमें चार 100 मीटर गहरे हैं। 3 सितंबर को सराय कला में हुई विशेष ग्राम सभा ने आपत्तियाँ दर्ज कीं और सरपंच ने लिखा कि सहमति नहीं दी गई थी। कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी का आरोप है कि कोई जन-सुनवाई नहीं हुई और अनापत्ति प्रमाणपत्र “जाली और गढ़े हुए पत्र” पर आधारित था। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि कोई भूमि आवंटित नहीं हुई, केवल उपयुक्तता की जाँच की अनुमति दी गई थी, और प्रदर्शनों से पहले प्रशासन को ग्राम सभा की सहमति मिल चुकी थी। 220 मेगावाट की इकाई भारत का छोटा स्वदेशी दाबित भारी जल रिएक्टर है।
प्रीलिम्स तथ्य
- परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (Atomic Energy Regulatory Board) का गठन 1983 में परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 के तहत हुआ था; SHANTI अधिनियम, 2025 की धारा 17 उसे नए अधिनियम के तहत गठित मानती है।
- भारत के रूपांतरण के लिए परमाणु ऊर्जा का सतत उपयोग और संवर्धन (SHANTI) अधिनियम, 2025 (संख्या 39/2025) को 20 दिसंबर 2025 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली। यह निजी कंपनियों को लाइसेंस देने की अनुमति देता है, परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 और परमाणु क्षति के लिए नागरिक दायित्व अधिनियम, 2010 को निरस्त करता है, और केंद्र द्वारा अधिसूचित तिथियों से लागू होता है।
- PHWR में ईंधन के रूप में प्राकृतिक यूरेनियम और मंदक तथा शीतलक, दोनों के रूप में भारी जल का उपयोग होता है।