6. स्वास्थ्य एवं जीव विज्ञान (Health & Life Sciences)GS2 · GS314 October 2026
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों से कहा: अस्पताल सेवाओं की दरें प्रमुखता से प्रदर्शित करें
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ख़बर
नई दिल्ली। PIB की 12 अक्टूबर की विज्ञप्ति के अनुसार केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर अनुपालन की समीक्षा करने और यह सुनिश्चित करने को कहा है कि अस्पताल और क्लीनिक अपनी सेवाओं और सुविधाओं की दरें प्रमुखता से प्रदर्शित करें। नैदानिक स्थापना अधिनियम, 2010 (Clinical Establishments Act, 2010) और उसके 2012 के केंद्रीय नियमों के तहत आने वाली स्थापनाओं को हर प्रकार की सेवा की दरें “स्थानीय भाषा के साथ-साथ अंग्रेज़ी में भी, किसी सुस्पष्ट स्थान पर” प्रदर्शित करनी होती हैं। जहाँ यह अधिनियम लागू नहीं है, वहाँ राज्यों के कानून चलते हैं, और पत्र में याद दिलाया गया है कि “स्वास्थ्य राज्य का विषय है”, इसलिए प्रवर्तन की ज़िम्मेदारी राज्यों की है। इस बार नई बात यह है कि अस्पतालों से कहा गया है कि वे चिकित्सा या आयुष वीज़ा पर आने वाले विदेशी मरीज़ों के लिए पैकेज दरें भी प्रदर्शित करें। चिकित्सा उपकरण निर्माताओं के संगठन AiMeD ने माँग की है कि आपूर्ति शृंखला में हर स्तर पर मुनाफ़े के अंतर का पता लगाया जाए (द इकोनॉमिक टाइम्स)।
प्रीलिम्स तथ्य
- स्वास्थ्य, यानी “सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता; अस्पताल और औषधालय”, राज्य सूची की प्रविष्टि 6 है; इसीलिए नैदानिक स्थापना अधिनियम, 2010 अनुच्छेद 252(1) के अंतर्गत पारित हुआ और केवल केंद्र शासित प्रदेशों, उन चार राज्यों (अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मिज़ोरम, सिक्किम) जिन्होंने इसकी माँग की थी, तथा संकल्प पारित करके इसे अपनाने वाले राज्यों में लागू होता है।
- नैदानिक स्थापना (केंद्र सरकार) नियम, 2012 [Clinical Establishments (Central Government) Rules, 2012] का नियम 9 खंड (i) में दरों के प्रदर्शन और खंड (ii) में केंद्र द्वारा अधिसूचित दर-सीमा के भीतर ही शुल्क लेने की अपेक्षा करता है।